स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय मुक्केबाजों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक तालिका को मजबूत किया है। साक्षी चौधरी, प्रियंका घंघास और अरुंधति चौधरी ने अपनी-अपनी श्रेणियों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
इन तीनों मुक्केबाजों की जीत के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के पदकों की संख्या में बड़ा उछाल आया है। वहीं, जूडो में भी भारत को सफलता मिली है। उन्नति शर्मा ने महिलाओं की 63 किलोग्राम भार वर्ग में दक्षिण अफ्रीका की स्काई नॉस्टर को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया।
अब तक भारतीय दल ने इन खेलों में कुल 34 पदक हासिल कर लिए हैं। भाला फेंक स्पर्धा में नीरज चोपड़ा और यश वीर सिंह ने भारत को दोहरी सफलता दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाकर देश को गौरवान्वित किया।
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एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने भी इतिहास रचते हुए डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीता। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में इस खेल में भारत का पहला पदक है।
जूडो में भी भारत के लिए यह प्रतियोगिता यादगार रही। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने अपनी-अपनी श्रेणियों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीते। अस्मिता का स्वर्ण पदक कॉमनवेल्थ गेम्स के जूडो इतिहास में भारत का पहला स्वर्ण पदक रहा। इसके बाद हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण जीतकर भारत की खुशी दोगुनी कर दी।
वहीं, यामिनी मौर्य ने स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश की, लेकिन उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
प्रतियोगिता के आखिरी चरण में भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक तालिका में और सुधार करने के कई मौके हैं। भारतीय दल अब कुछ और स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद के साथ मैदान में उतरेगा। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देश को लगातार पदक मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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