कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित ईरान कल्चर हाउस का दौरा किया और भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि से मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और ईरानी जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा सहित कई नेता शामिल थे। नेताओं ने ईरानी प्रतिनिधि से बातचीत के दौरान खामेनेई की मृत्यु को लेकर दुख व्यक्त किया और कहा कि यह ईरान के लिए एक बड़ी क्षति है।
इससे पहले भारत सरकार की ओर से भी ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त की गई थी। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर किए। यह कदम ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन के बाद उठाया गया।
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हालांकि भारत सरकार ने खामेनेई की मौत को लेकर कोई सीधा राजनीतिक बयान नहीं दिया, लेकिन उसने यह दोहराया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।
गौरतलब है कि अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी को ईरान की राजधानी तेहरान में हुआ था। वह 86 वर्ष के थे और वर्ष 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर कार्यरत थे। उन्हें मध्य पूर्व के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेताओं में से एक माना जाता था।
रिपोर्टों के अनुसार, उनकी मौत उस समय हुई जब संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ने तेहरान में ईरानी सरकारी और सैन्य ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए। इनमें से एक हमले में उस परिसर को निशाना बनाया गया जहां खामेनेई मौजूद थे। इस हमले में कई अन्य अधिकारियों की भी मौत हुई।
ईरान सरकार ने 1 मार्च को आधिकारिक रूप से उनके निधन की पुष्टि की और देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की।
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