असम विधानसभा चुनाव से पहले लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस और राइजोर दल ने गठबंधन समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह समझौता जोरहाट में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान औपचारिक रूप से किया गया।
इस मौके पर राइजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई ने इसे जोरहाट के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि केवल बात करने वाले मुख्यमंत्री को हटाकर एक सक्षम नेतृत्व को चुना जाए और इसके लिए जनता को भारी बहुमत से वोट देना होगा।
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भी व्यापक विपक्षी गठबंधन बनाने के अपने प्रयासों को दोहराया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में पहले से ही असम जातीय परिषद, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस शामिल हैं।
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गौरव गोगोई ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ विपक्षी ताकतों को एकजुट करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि राइजोर दल के साथ बातचीत सकारात्मक रही है और जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को राज्य में गठबंधन की आवश्यकता से अवगत करा दिया है और यदि इसे मंजूरी मिलती है तो यह पार्टी और राज्य दोनों के लिए लाभकारी होगा।
असम में 126 सीटों वाली विधानसभा के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। नामांकन की अंतिम तारीख 23 मार्च है।
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