कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लद्दाख दौरे को लेकर उन पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि गृह मंत्री क्षेत्र के महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि अमित शाह लद्दाख में पिपरहवा अवशेषों के प्रदर्शन के कार्यक्रम में शामिल होकर गौरव का अनुभव कर रहे हैं, लेकिन वहां के लोगों की प्रमुख मांगों—राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची का दर्जा और भूमि व रोजगार की सुरक्षा—पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दे रहे हैं।
जयराम रमेश ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लद्दाख के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है, जबकि स्थानीय लोग लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने इस संदर्भ में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 1949 के लद्दाख दौरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय लद्दाख के विकास और वहां के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार इन मूलभूत मांगों पर ठोस पहल करने से बच रही है।
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कांग्रेस का कहना है कि लद्दाख के नागरिकों को अपनी पहचान, संसाधनों और रोजगार के अवसरों की सुरक्षा की चिंता है। पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह इन मुद्दों पर जल्द स्पष्ट नीति सामने लाए और क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद स्थापित करे।
गौरतलब है कि हाल के समय में लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन तेज हुआ है। ऐसे में अमित शाह के दौरे के दौरान इन मुद्दों पर कोई घोषणा न होना राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
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