दिल्ली मेट्रो के फेज-4 विस्तार के तहत एयरोसिटी मेट्रो स्टेशन को राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण इंटरचेंज हब में विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर स्थित यह स्टेशन भविष्य में विस्तारित कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र बनेगा। शनिवार को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस स्टेशन को कई नई लाइनों से जोड़ने की योजना पर काम तेजी से चल रहा है।
एयरोसिटी मेट्रो स्टेशन को फेज-4 के अंतर्गत निर्माणाधीन तुगलकाबाद–एयरोसिटी गोल्डन लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे दक्षिण दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच यात्रा और अधिक आसान तथा तेज हो जाएगी। इसके अलावा, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए गोल्डन लाइन को एयरोसिटी से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 तक बढ़ाने की मंजूरी भी दी गई है। यह विस्तार लगभग 2.2 किलोमीटर लंबा होगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अनुसार, विस्तारित एयरोसिटी स्टेशन एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और सिल्वर (गोल्डन) लाइन के बीच एक अहम इंटरचेंज की भूमिका निभाएगा। साथ ही, भविष्य में इसे ट्रिपल इंटरचेंज हब के रूप में विकसित करने की भी व्यवस्था की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने भी दिल्ली से अलवर तक प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए एयरोसिटी में इंटरचेंज सुविधा का प्रस्ताव रखा है, जिससे स्टेशन का रणनीतिक महत्व और बढ़ जाएगा।
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प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि एयरोसिटी मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का एक प्रमुख इंटरचेंज हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। नए स्टेशन में एक तरफ प्लेटफॉर्म-टू-प्लेटफॉर्म कनेक्टिविटी होगी, जबकि एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और सिल्वर लाइन के बीच कॉनकोर्स-टू-कॉनकोर्स पेड एरिया कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के अनुसार, प्लेटफॉर्म लगभग 22 मीटर की गहराई पर होंगे। गोल्डन लाइन स्टेशन की लंबाई करीब 290 मीटर होगी, जो सामान्य इंटरचेंज स्टेशनों की औसत लंबाई 260 मीटर से अधिक है। DMRC अधिकारियों ने बताया कि गोल्डन लाइन और प्रस्तावित NCRTC कॉरिडोर का एलाइनमेंट लगभग तिरछे रूप में एक-दूसरे को पार करेगा। इसलिए स्टेशन डिजाइन में पहले से ही संरचनात्मक प्रावधान किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में NCRTC प्लेटफॉर्म को आसानी से जोड़ा जा सके।
इस नए इंटरचेंज से दक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद, आंबेडकर नगर और खानपुर जैसे इलाकों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सभी टर्मिनलों तक तेज और सीधी पहुंच मिलेगी। गोल्डन लाइन के टर्मिनल-1 तक विस्तार और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज के बाद, यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी। यह परियोजना राजधानी क्षेत्र में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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