दिल्ली विधानसभा में हुए सुरक्षा उल्लंघन मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपी सरबजीत ने अपने लापता भतीजे के मामले में ध्यान आकर्षित करने के लिए विधानसभा परिसर में कार घुसा दी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सरबजीत का भतीजा हरमन सिंह 1 अप्रैल से लापता है, जिसकी शिकायत पहले ही हरी नगर थाना में दर्ज कराई गई थी। मामले में कार्रवाई से असंतुष्ट होकर सरबजीत ने यह कदम उठाया, ताकि कोई वरिष्ठ अधिकारी उसकी बात सुने।
जांच में सामने आया है कि सरबजीत अकेले ही इस घटना को अंजाम दे रहा था और उसके पास कोई हथियार नहीं था। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि उसकी कार खुद एक घातक हथियार बन सकती थी, जिससे परिसर में मौजूद लोगों की जान को गंभीर खतरा था।
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प्रारंभिक जांच में पता चला कि सरबजीत को दिल्ली के रास्तों की पूरी जानकारी नहीं थी। विधानसभा से निकलने के बाद उसने दो टैक्सी चालकों को 2000 रुपये देकर रास्ता दिखाने के लिए कहा और संसद जाने का रास्ता भी पूछा। पुलिस ने दोनों चालकों से पूछताछ की है, लेकिन उनकी संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
पुलिस के अनुसार, सरबजीत शारीरिक रूप से मजबूत और आर्थिक रूप से सक्षम है। उसने फरवरी में नई टाटा सिएरा कार खरीदी थी। परिवार का दावा है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और दिसंबर 2025 से इलाज करवा रहा है, लेकिन पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
हिरासत में सरबजीत का व्यवहार आक्रामक बताया गया है। वह लॉकअप में शोर मचाता रहा और अजीब दावे करता रहा। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है और जांच जारी है।
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