दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में सैयद फैज इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने बुधवार (7 जनवरी, 2026) को एफआईआर दर्ज की और पांच लोगों को हिरासत में लिया है। एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई उस समय की गई जब नगर निगम दिल्ली (MCD) अदालत के आदेश के तहत मस्जिद और पास के कब्रिस्तान से सटी जमीन पर तोड़फोड़ अभियान चला रहा था।
इस दौरान कुछ लोगों ने कथित तौर पर पुलिस बल पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी, जिससे कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को काबू में करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने बताया कि पांच लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और उनकी पहचान सीसीटीवी फुटेज से मिलान की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह हिंसा अचानक भड़की या फिर तोड़फोड़ अभियान को बाधित करने के लिए पहले से सुनियोजित प्रयास किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही, प्रत्यक्षदर्शियों और हिरासत में लिए गए लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
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इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 221 (लोक सेवक के कार्य में बाधा), 132 (लोक सेवक को कर्तव्य से रोकने के लिए हमला), 121 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 191 (दंगा), 223(ए) (लोक सेवक के आदेश की अवहेलना), 3(5) (साझा जिम्मेदारी) तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
इस बीच, एमसीडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तोड़फोड़ के दौरान सैयद फैज इलाही मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। निगम ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की गई। अभियान के तहत करीब 30 बुलडोजर और 50 डंपर लगाए गए तथा 300 से अधिक एमसीडी कर्मचारी और अधिकारी रात भर काम में जुटे रहे।
पुलिस ने कहा कि एहतियात के तौर पर इलाके में कानून-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम बने हुए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सामान्य हालात बहाल कर दिए गए हैं।” मामले की आगे की जांच जारी है।
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