दिल्ली सरकार ने मंगलवार को एक समर्पित नीति थिंक-टैंक दिल्ली इंस्टीट्यूशनल थिंक टैंक फॉर इनोवेशन (DITI) स्थापित करने का प्रस्ताव पेश किया। यह थिंक-टैंक NITI आयोग की तर्ज पर काम करेगा और राजधानी के लिए नीति निर्माण को अधिक केंद्रित और अनुकूल बनाने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए NITI आयोग के सिद्धांत और ढांचे को दिल्ली के अनुसार लागू करेगी। इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम भी बनाई जाएगी, जो शहर के लिए नई नीतियाँ, योजनाएं और परियोजनाएं तैयार करेगी।
सरकारी सूत्रों ने बताया, "दिल्ली पहला शहर है जिसने इसे अपनाया है। कोई और राज्य या शहर ऐसा NITI आयोग जैसा थिंक-टैंक नहीं रखता। इसके माध्यम से सरकार नवाचारी विचारों और भविष्य की नीतियों पर काम करेगी।"
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DITI का मुख्य उद्देश्य नीतियों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाना और नीति निर्माण में नवाचार को बढ़ावा देना है। यह थिंक-टैंक दिल्ली सरकार को भविष्य की योजनाओं और नागरिक-केंद्रित पहलों पर विशेषज्ञ सुझाव देने में सहायक होगा।
इस पहल के माध्यम से दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नीतियाँ केवल केंद्र के दिशानिर्देशों तक सीमित न रहें, बल्कि राजधानी की विशेष परिस्थितियों, जनसंख्या आवश्यकताओं और शहर की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप हों।
विशेषज्ञों के योगदान से तैयार होने वाली नीतियाँ और योजनाएं दिल्ली में शासन को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और योजनाबद्ध बनाने में मदद करेंगी।
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