देश में प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच दिल्ली सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार अब नाफेड (राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) से प्याज और चीनी खरीदकर राजधानी में बिक्री करेगी। सरकार का कहना है कि इन वस्तुओं की कीमतों का बढ़ता बोझ आम जनता पर नहीं पड़ने दिया जाएगा।
दिल्ली के मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को बताया कि प्याज और चीनी की कीमतों को लेकर सरकार ने बैठक की है। उन्होंने कहा कि सरकार नाफेड से प्याज खरीदेगी और जिस कीमत पर इसे खरीदा जाएगा, उसी दर पर लोगों को बेचने की योजना है।
चीनी की कीमतों को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सिरसा ने कहा कि चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की जाएंगी, जो बाजारों का निरीक्षण करेंगी। सरकार नाफेड से चीनी खरीदकर उसे भी दिल्ली में उपलब्ध कराएगी।
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इस बीच खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने बताया कि सरकार के आयात की अनुमति देने और जमाखोरी व सट्टेबाजी पर कार्रवाई के बाद चीनी का मिल-गेट भाव करीब 18 प्रतिशत घटकर 55 रुपये प्रति किलो हो गया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में चीनी उत्पादन अनुमान से कम होकर 306 लाख टन रहने के बावजूद देश में पर्याप्त भंडार मौजूद है। घरेलू मांग करीब 280-285 लाख टन है।
केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति दी थी। साथ ही थोक खरीदारों के लिए भंडारण सीमा लागू की गई और राज्यों को जमाखोरी के खिलाफ जांच तेज करने के निर्देश दिए गए।
सरकार के हस्तक्षेप से कीमतों में बढ़ोतरी पर फिलहाल अंकुश लगा है। हालांकि, मिल-गेट कीमतों में आई कमी का असर अभी थोक और खुदरा बाजारों तक पूरी तरह नहीं पहुंचा है।
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