प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और संयम की अपील के अनुरूप, दिल्ली सरकार ने गुरुवार को सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य करने की घोषणा की। यह कदम ईंधन और ऊर्जा की खपत को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है, खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह आदेश सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों में लागू होगा। उन्होंने यह भी बताया कि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए जल्द ही दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ऊर्जा बचत के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा और कामकाज की निरंतरता सुनिश्चित करना है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि वर्क फ्रॉम होम नीति के तहत, कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन अपने घर से काम करना होगा। यह निर्णय दिल्ली में ईंधन की खपत को कम करने और बिजली की बचत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का यह प्रयास देश के समग्र ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है और इसे लागू करने के दौरान विभागों में समन्वय बनाए रखा जाएगा। निजी कंपनियों और उद्योगपतियों से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने कर्मचारियों के लिए समान तरह की योजनाओं पर विचार करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के उपाय न केवल ऊर्जा की बचत में मदद करेंगे, बल्कि कर्मचारियों के समय और यात्रा खर्च में भी कमी लाएंगे। दिल्ली सरकार के इस कदम को पूरे देश में ऊर्जा संरक्षण और ईंधन प्रबंधन की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
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