नई दिल्ली, 26 जनवरी। गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करते हुए 30,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। अधिकारियों के अनुसार, विशेष रूप से नई दिल्ली जिले में लगभग 10,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जहां परेड मार्ग और उच्च सुरक्षा क्षेत्र स्थित हैं।
नई दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवेश कुमार महला ने बताया कि गणतंत्र दिवस की सुरक्षा के मद्देनज़र पिकेट, बैरिकेडिंग और सभी मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू की गई हैं। सभी पुलिसकर्मियों को तैनाती योजनाओं, बिंदुवार ब्रीफिंग और आकस्मिक उपायों की जानकारी दी गई है तथा सुरक्षा अभ्यास भी कराए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के लिए नई दिल्ली क्षेत्र में 3,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे उन्नत वीडियो एनालिटिक्स और फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) से लैस हैं। परेड मार्ग और आसपास के इलाकों में लगे इन कैमरों की लाइव फीड 30 से अधिक कंट्रोल रूम के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी में रखी जा रही है, जहां करीब 150 कर्मी तैनात हैं।
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मैदान में तैनात पुलिसकर्मियों को भारत-निर्मित एआई ग्लासेस उपलब्ध कराए गए हैं, जो एफआरएस और वीडियो एनालिटिक्स से जुड़े हैं। ये एआई ग्लासेस पुलिस के डेटाबेस से रियल टाइम में जुड़े रहते हैं, जिससे भीड़ में किसी संदिग्ध, अपराधी या घोषित अपराधी की पहचान तुरंत हो सकती है और त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
सुरक्षा ग्रिड में बहुस्तरीय बैरिकेडिंग, प्रवेश बिंदुओं पर कई स्तरों की जांच और सख्त एक्सेस कंट्रोल शामिल हैं। रणनीतिक स्थानों पर एफआरएस तकनीक से लैस मोबाइल सर्विलांस वाहनों की तैनाती की गई है, जिससे निगरानी और त्वरित मूवमेंट सुनिश्चित हो सके।
नई दिल्ली, उत्तर और मध्य जिलों में हजारों छतों पर स्नाइपर टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस उपायुक्तों ने मार्ग सर्वे और एंटी-सैबोटाज जांच पूरी कर ली है। साथ ही, बाजारों, बस टर्मिनलों, मेट्रो और रेलवे स्टेशनों जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा अभ्यास के तहत किरायेदारों और घरेलू सहायकों के सत्यापन अभियान भी चलाए जा रहे हैं। पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ अंतर-राज्यीय समन्वय बैठकों के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान और खुफिया तालमेल सुनिश्चित किया गया है। पुलिस ने नागरिकों से सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने और प्रतिबंधित वस्तुएं न लाने की अपील की है। दर्शक दीर्घाओं को नदियों के नाम दिए गए हैं, इसलिए लोगों को अपने निर्धारित प्रवेश मार्ग और बैठने के क्षेत्र की जानकारी रखने की सलाह दी गई है।
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