लुटियंस दिल्ली के दशकों पुराने शास्त्री भवन और कृषि भवन को सितंबर 2026 के अंत तक खाली किया जाएगा। इन दोनों इमारतों की जगह केंद्रीय विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत कर्तव्य भवन-4 और कर्तव्य भवन-5 बनाए जाएंगे। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने संबंधित मंत्रालयों और विभागों को परिसर खाली करने के निर्देश दिए हैं।
16 सितंबर को जारी सीपीडब्ल्यूडी के एक पत्र के अनुसार, प्रस्तावित कर्तव्य भवनों के निर्माण का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। विभाग ने कहा कि निर्माण एजेंसी को समय पर जमीन सौंपने और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काम शुरू कराने के लिए शास्त्री भवन और कृषि भवन को सितंबर के अंत तक खाली करना जरूरी है।
शास्त्री भवन सात मंजिला इमारत है, जिसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर रखा गया है। दशकों से यह केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में शामिल रहा है। शिक्षा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और कोयला मंत्रालय समेत कई प्रमुख मंत्रालय और विभाग यहां संचालित होते रहे हैं।
और पढ़ें: दिल्ली में अवैध निर्माण पर एमसीडी की बड़ी कार्रवाई, 61 संपत्तियां सील
वहीं, कृषि भवन मुख्य रूप से कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़ा रहा है। दोनों इमारतों का निर्माण 1956 से 1968 के बीच हुआ था और ये मध्य दिल्ली के सरकारी क्षेत्र के प्रमुख स्थलों में रही हैं।
दोनों भवनों को खाली करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। पिछले कुछ महीनों में कई मंत्रालय और विभाग यहां से निकलकर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में नए कर्तव्य भवनों में स्थानांतरित हो चुके हैं। कर्तव्य भवन-4 और 5 का निर्माण कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट योजना का हिस्सा है।
केंद्रीय विस्टा परियोजना में कुल 10 कर्तव्य भवन बनाने की योजना है। इनका उद्देश्य अलग-अलग इमारतों में फैले मंत्रालयों और विभागों को आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम कार्यालय परिसरों में एक साथ लाना है।
इस व्यापक पुनर्विकास में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक भी शामिल हैं। इन ऐतिहासिक इमारतों के कार्यालयों को स्थानांतरित किया जा चुका है और इन्हें ‘युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में बदलने की योजना है।
और पढ़ें: दिल्ली के ओखला में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से एक की मौत, चार घायल