दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कई प्रमुख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इन मतदाताओं के विवरण में विसंगतियां पाई गई हैं या उनके नाम पिछली मतदाता सूची से लिंक नहीं हो सके।
98 वर्षीय लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को नोटिस मिला है। उनके बेटे जयंत का पिछली सूची से मैपिंग सत्यापन पूरा हो गया है। आडवाणी परिवार के ये सभी सदस्य नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।
मनीष सिसोदिया, उनकी पत्नी सीमा और बेटे मीर को भी नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मीर के मामले में माता-पिता के नाम से जुड़ी विसंगति का उल्लेख किया गया है, जबकि सीमा के नोटिस में उनके अपने नाम के मेल न खाने की बात कही गई है। अधिकारियों ने बताया कि ये नोटिस मतदाताओं द्वारा जमा किए गए गणना फॉर्म में सामने आई तथाकथित तार्किक विसंगतियों के आधार पर जारी किए गए हैं।
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दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, करीब 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें 13.79 लाख मतदाता पिछली SIR मतदाता सूची से अपना नाम लिंक नहीं कर सके, जबकि 19.33 लाख के फॉर्म में तार्किक विसंगतियां पाई गईं। अब तक 31.63 लाख से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कई अन्य प्रमुख लोगों को भी नोटिस मिला है। रेखा गुप्ता के दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए मान्य कर दिया गया है।
SIR के तहत 30 जून से 17 अगस्त तक घर-घर जाकर गणना फॉर्म भरवाए गए थे। नोटिस पाने वाले मतदाताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के समक्ष जवाब और जरूरी दस्तावेज 29 अक्टूबर तक जमा करने हैं। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी, जबकि दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जानी है।
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