कर्नाटक के बेलगावी ज़िले में एक मंदिर परिसर में आयोजित मेले के दौरान भोजन करने के बाद 100 से अधिक श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना के बाद प्रभावित लोगों को तुरंत नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी पीड़ित फिलहाल खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल में भर्ती श्रद्धालुओं की निगरानी चिकित्सकों की टीम द्वारा लगातार की जा रही है ताकि उनकी सेहत में किसी भी तरह की गिरावट न आए।
मंदिर मेले में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं और आयोजन के दौरान सामूहिक भोज की परंपरा रही है। इस बार भोजन करने के तुरंत बाद कई लोगों को उल्टी, पेट दर्द और अन्य लक्षण महसूस होने लगे, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और बीमार लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की।
और पढ़ें: स्विंडन: 30 साल से जलीय चूहों (वॉटर वोल) की खुदाई से क्षतिग्रस्त ऐतिहासिक नहर के किनारे की मरम्मत शुरू
घटना के कारणों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी या दूषित सामग्री के इस्तेमाल से यह स्थिति उत्पन्न हुई। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य नमूनों की जांच के बाद ही असली कारण सामने आ पाएगा।
इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक आयोजनों में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ प्रभावित होने से प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आयोजन स्थल पर भोजन तैयार करने और परोसने की प्रक्रिया में पर्याप्त सावधानी बरती गई थी या नहीं।
फिलहाल राहत की बात यह है कि किसी भी श्रद्धालु की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही और सभी का इलाज सफलतापूर्वक चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि सभी पीड़ितों को उचित चिकित्सा देखभाल मुहैया कराई जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
स्थानीय प्रशासन ने आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सार्वजनिक आयोजनों में भोजन की गुणवत्ता जांच को और सख्त बनाने पर विचार करने की बात कही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है।
और पढ़ें: काकीनाडा जिले में हाईवे पार करते समय चार श्रद्धालुओं की मौत, विजयवाड़ा जा रहे थे कनक दुर्गा मंदिर दर्शन के लिए