उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल पद की शपथ लेने पर हार्दिक बधाई दी और विश्वास जताया कि उनके राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव का लाभ राज्य को मिलेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट में डॉ. बिसेन को शुभकामनाएं देते हुए उनकी नियुक्ति को उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में देवभूमि के लिए अत्यंत हर्ष का विषय बताया। उन्होंने लिखा, "देवभूमि उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करने पर डॉ. ढाल सिंह बिसेन जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में आपकी नियुक्ति देवभूमि के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पूर्ण विश्वास है कि एक मार्गदर्शक के रूप में डॉ. बिसेन के लंबे राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभवों का लाभ उत्तराखंड को मिलेगा और जनसेवा तथा संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति उनकी निष्ठा प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों को और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने डॉ. बिसेन को सफल कार्यकाल की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
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इससे पहले सोमवार को डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने देहरादून स्थित लोक भवन में उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।
शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. बिसेन ने उन्हें यह अवसर देने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने उत्तराखंड को "देवभूमि" और "वीर भूमि" दोनों बताते हुए कहा कि यह राज्य केवल एक प्रदेश नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह चार धामों की भूमि है और आदि कैलाश तथा जागेश्वर धाम जैसे अन्य पवित्र स्थलों का घर भी है, जो अपने अनूठे पर्यटन स्थलों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि लगभग हर परिवार में कम से कम एक सदस्य सशस्त्र बलों में देश की रक्षा के लिए सेवारत है, जिससे यह वीर भूमि भी कहलाता है।
डॉ. बिसेन ने राज्य की महिलाओं, युवाओं और किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे उत्तराखंड के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं सशक्त और प्रेरणादायक हैं, जबकि युवा, किसान और पूरा समाज अत्यंत मेहनती और दृढ़ है, जिसके कारण उत्तराखंड विकास के विभिन्न चरणों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्यपाल के रूप में अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए डॉ. बिसेन ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखना, पद की गरिमा बनाए रखना और राज्य सरकार तथा जनता के सहयोग से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और जनकल्याण की पहलों को गति देना है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के लिए शांति, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करना उनका अंतिम लक्ष्य है।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के बालाघाट से पूर्व लोकसभा सांसद हैं। वे मध्य प्रदेश सरकार में विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, जहां उन्होंने स्कूली शिक्षा, वन, परिवहन और खनन जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वे मध्य प्रदेश के चौथे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
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