धारवाड़ में शुक्रवार को अलग नगर निगम की मांग को लेकर दूसरे चरण का आंदोलन शुरू हो गया। इस अवसर पर अलग नगर निगम संघर्ष समिति ने अपने सही अधिकार की मांग को प्रमुखता से उठाने के लिए ‘सत्य प्रतिपादन’ नामक विरोध अभियान का शुभारंभ किया।
अभियान के तहत विभिन्न पेशों और वर्गों के लोग कर्नाटक विद्यावर्धक संघ के सामने प्रतीकात्मक धरना और सत्याग्रह कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उनके अधिकारपूर्ण और न्यायसंगत मांगों को पूरा नहीं किया गया।
समिति के सदस्यों का कहना है कि धारवाड़ शहर की बढ़ती जनसंख्या, विकास की आवश्यकता और प्रशासनिक कार्यों में बेहतर व्यवस्था के लिए अलग नगर निगम अनिवार्य है। उन्होंने स्थानीय जनता से भी समर्थन जुटाने का आह्वान किया।
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धरना और सत्याग्रह के दौरान नागरिकों ने पोस्टर, बैनर और नारे के माध्यम से अपनी मांग को जोरदार तरीके से प्रस्तुत किया। समिति का कहना है कि यह आंदोलन धीरे-धीरे राज्य सरकार तक अपनी मांग पहुँचाने में प्रभावशाली साबित होगा।
अभियान का उद्देश्य धारवाड़ के लोगों के विकास अधिकार, स्थानीय प्रशासन में भागीदारी और बेहतर नागरिक सुविधाओं की दिशा में सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। समिति ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चलेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ी जाएगी।
समिति का दावा है कि यदि सरकार जल्द कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाने की योजना बनाई जा रही है।
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