कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि सभी विधायकों को एक साथ मंत्रिमंडल में शामिल करना संभव नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन नेताओं को इस बार मंत्री पद नहीं मिला है, उन्हें भविष्य में सरकार में जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने सोमवार को कैबिनेट विस्तार के बाद कहा कि पार्टी के सभी विधायकों की अपनी-अपनी योग्यता और अपेक्षाएं हैं, लेकिन संवैधानिक सीमाओं के कारण एक समय में सभी को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व सभी नेताओं और विधायकों के योगदान को महत्व देता है। जो नेता वर्तमान विस्तार में शामिल नहीं हो सके हैं, उनके लिए आने वाले समय में अन्य जिम्मेदारियों और अवसरों पर विचार किया जाएगा।
और पढ़ें: नीट पेपर लीक मुद्दे पर राघव चड्ढा का कांग्रेस पर हमला, बोले- छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक दल की वापसी के लिए नहीं
कर्नाटक में हुए इस कैबिनेट विस्तार में कई कांग्रेस नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कैबिनेट विस्तार मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के पद संभालने के करीब दो महीने बाद हुआ है। इससे पहले सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद 3 जून को डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उनके साथ कुछ मंत्रियों ने भी शपथ ली थी।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह कैबिनेट विस्तार कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी को राज्य में अलग-अलग गुटों के बीच संतुलन बनाए रखना है। मुख्यमंत्री शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया समर्थक नेताओं को साथ लेकर चलना पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों के विकास और जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन और सरकार मिलकर राज्य के हित में फैसले लेते रहेंगे।
कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं। नए विस्तार के बाद सरकार ने क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
और पढ़ें: ड्रग्स और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सुवेंदु अधिकारी ने मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई की सराहना की