रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डीआरडीओ ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (एलआरजीआर) का सफल उड़ान परीक्षण किया है। यह परीक्षण 8 जुलाई को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में किया गया।
डीआरडीओ के अनुसार, इस परीक्षण में रॉकेट को उपयोगकर्ता द्वारा निर्धारित 60 किलोमीटर की न्यूनतम दूरी के लक्ष्य के लिए जांचा गया। परीक्षण के दौरान रॉकेट ने सभी निर्धारित मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। रॉकेट ने उड़ान के दौरान जरूरी दिशा परिवर्तन किए और अनुमानित मार्ग का पालन करते हुए निर्धारित लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया।
अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण के दौरान पिनाका रॉकेट ने अत्यधिक सटीकता का प्रदर्शन किया। इसने बिल्कुल तय योजना के अनुसार लक्ष्य को भेदा, जिससे इसकी गाइडेंस और नेविगेशन प्रणाली की क्षमता की पुष्टि हुई।
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डीआरडीओ ने कहा कि परीक्षण के दौरान तैनात सभी रेंज इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम ने रॉकेट की पूरी उड़ान पर लगातार नजर रखी। इससे प्राप्त आंकड़ों का उपयोग हथियार प्रणाली के प्रदर्शन को और बेहतर तरीके से जांचने और विकसित करने में किया जाएगा।
पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण भारत की स्वदेशी सटीक मारक क्षमता वाली रॉकेट तकनीक के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती देता है।
इससे पहले डीआरडीओ ने स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल (एलआरएलएसीएम) का भी सफल परीक्षण किया था। यह परीक्षण ओडिशा के तट के पास किया गया था और इसमें मिसाइल ने सभी निर्धारित उद्देश्यों को पूरा किया था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एलआरएलएसीएम को पूरी तरह देश में विकसित किया गया है। इसके प्रमुख सिस्टम और उपकरण डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं ने भारतीय उद्योगों के सहयोग से तैयार किए हैं। इस परियोजना का नेतृत्व बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (एडीई) कर रहा है।
परीक्षण के दौरान डीआरडीओ, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ वैज्ञानिकों और उद्योग भागीदारों को बधाई दी और इसे भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को मजबूत करने वाला कदम बताया।
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