जम्मू-कश्मीर के पुंछ और सांबा जिलों में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गुरुवार रात (15 जनवरी 2026) पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, इन ड्रोन की गतिविधि के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत अपने एंटी-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (एंटी-यूएएस) को सक्रिय कर प्रभावी जवाबी कार्रवाई की।
ड्रोन को पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास भारतीय चौकियों के नजदीक मंडराते हुए देखा गया। इसके बाद सीमा पर तैनात जवानों ने मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत एंटी-ड्रोन उपाय लागू किए। इसी तरह, सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास भी एक अन्य ड्रोन की मौजूदगी दर्ज की गई।
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि ड्रोन का उद्देश्य सीमा पार से निगरानी करना या किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि को अंजाम देना हो सकता है। हालांकि, सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई के चलते किसी भी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। ड्रोन की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
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इस घटना के बाद भारत-पाक सीमा पर तैनात सभी सैन्य और अर्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार रात को भी राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पार से भारतीय क्षेत्र में घुस आए कई संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन को रोकने के लिए सेना के जवानों ने फायरिंग की थी। उस दौरान भी ड्रोन गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी।
पिछले कुछ समय से सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियार, मादक पदार्थ और अन्य सामग्री भेजने की कोशिशों की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों ने ड्रोन रोधी तकनीक को और मजबूत किया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
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