दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान नॉर्थ कैंपस में हुई हिंसा और कथित हुड़दंग पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार से 18 सितंबर तक कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा रोकी जा सकती है।
DUSU चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को होना है, जबकि मतगणना 19 सितंबर को प्रस्तावित है। डे-क्लास के छात्रों के लिए मतदान सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक और ईवनिंग क्लास के लिए दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक होगा।
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के यश डबास, एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा और आइसा की अनन्या रतूड़ी मैदान में हैं। उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के ईशु मौर्य, एनएसयूआई के वीर छत्रथ और आइसा के अक्षत शिखर उम्मीदवार हैं। सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छावड़ी, एनएसयूआई की नम्रता चौधरी और एसएफआई के स्टैनजिन डेस्क्योंग चुनाव लड़ रहे हैं। संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह, एनएसयूआई के गोपाल चौधरी और एसएफआई के बी परिजात उम्मीदवार हैं।
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एनएसयूआई के भीतर असंतोष के चलते समर्थ बेंनिवाल, हिमांशु शौकीन और विशेष यादव भी क्रमशः अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
प्रचार के अंतिम दिन लॉ सेंटर-1 के बाहर झड़प में कुछ छात्रों के घायल होने की भी सूचना मिली।
DUSU दिशानिर्देशों के अनुसार मतदान के लिए छात्रों को पहचान पत्र लाना होगा। ईवीएम को सील कर पुलिस सुरक्षा में मतगणना केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।
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