दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों के लिए शनिवार, 19 सितंबर को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो गई। चार केंद्रीय पदों—अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), कांग्रेस से संबद्ध नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और एआईएसए-एसएफआई गठबंधन के बीच मुकाबला है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में मतगणना को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विश्वविद्यालय परिसर और मतगणना केंद्र के आसपास 2,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। प्रमुख सड़कों पर यातायात संबंधी प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
18 सितंबर को हुए मतदान में 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस बार एक लाख 51 हजार से अधिक छात्र मतदान के लिए पात्र थे। पिछले वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकांश कॉलेजों में हुए छात्रसंघ चुनाव में मतदान प्रतिशत 39.45 रहा था।
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मतगणना से पहले एबीवीपी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों में चुनाव जीतने की जानकारी दी। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में संगठन ने अध्यक्ष, सचिव और दोनों काउंसलर पदों समेत सभी प्रमुख सीटों पर जीत दर्ज की।
एबीवीपी ने केंद्रीय पैनल में चारों पद जीतने का भरोसा जताया है, जबकि एनएसयूआई और एआईएसए-एसएफआई गठबंधन भी चुनाव मैदान में हैं। पिछले वर्ष एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद जीते थे, जबकि एनएसयूआई को उपाध्यक्ष पद मिला था।
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