ईडी की बड़ी कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 32वें एवेन्यू ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 71.60 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले की जांच में निवेशकों को कथित तौर पर आकर्षित करने के लिए एक संगठित और व्यवस्थित कार्यप्रणाली अपनाए जाने का खुलासा हुआ है।
ईडी ने बताया कि निवेशकों को वाणिज्यिक इकाइयां खरीदने के लिए कई तरह के आकर्षक आश्वासन दिए गए थे। इनमें लंबे समय के लिए सुनिश्चित लीज, निश्चित किराये की आय, बाय-बैक व्यवस्था और समय-समय पर रिटर्न बढ़ाने का वादा शामिल था। इन आश्वासनों के आधार पर निवेशकों को वाणिज्यिक संपत्तियों में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया गया।
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जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में निवेशकों को ऐसे व्यावसायिक सौदों की पेशकश की गई, जिनमें नियमित और सुनिश्चित आय का भरोसा दिलाया गया था। ईडी अब इस पूरी प्रक्रिया में शामिल लोगों, कंपनियों और धन के लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
ईडी की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि निवेशकों से प्राप्त धन का इस्तेमाल किस तरह किया गया और क्या इस रकम को किसी अवैध गतिविधि के जरिए इधर-उधर किया गया। कुर्क की गई संपत्तियों को मामले से जुड़ी कथित अपराध की आय के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।
जांच एजेंसी ने यह भी कहा है कि निवेशकों को व्यावसायिक इकाइयों में निवेश के बदले निश्चित लाभ और अन्य वित्तीय सुविधाओं का भरोसा दिया गया था। मामले में आगे की जांच जारी है और धन के स्रोत तथा उसके इस्तेमाल से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
ईडी की यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कुर्क करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। एजेंसी मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी जांच कर सकती है।
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