प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अल-फलाह समूह के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी सहित तीन लोगों के खिलाफ कथित जमीन घोटाले में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला कथित तौर पर फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के जरिए जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा हुआ है।
ईडी ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि आरोपियों ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत असली जमीन मालिकों के दस्तावेजों में हेरफेर किया। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने जमीन मालिकों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान की नकल कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उस आधार पर जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले में संगठित तरीके से धोखाधड़ी की गई, जिसमें कई लोगों की मिलीभगत सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया कि जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में जानबूझकर बदलाव कर संपत्ति को अपने नाम कराने की कोशिश की गई।
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जांच एजेंसी ने कहा कि यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्ति हड़पने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
चार्जशीट में जिन अन्य दो आरोपियों के नाम शामिल हैं, उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
ईडी ने संबंधित अदालत में दस्तावेजों के साथ विस्तृत रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कई सबूत और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड शामिल हैं।
फिलहाल मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है और अदालत में आगे की सुनवाई होगी। इस कार्रवाई के बाद जमीन घोटाले से जुड़े मामलों पर जांच एजेंसियों की निगरानी और तेज हो गई है।
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