गोवा के ‘एलएसडी ब्लॉट्स की सबसे बड़ी बरामदगी’ को एक साल से अधिक समय गुजरने के बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED), पनजी क्षेत्रीय कार्यालय ने देशभर में 26 परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) 2002 के प्रावधानों के तहत की जा रही है और इसका संबंध एक अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थ तस्करी मामले से है।
ED ने शुक्रवार को बयान में कहा कि ये छापेमारी गोवा, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा और दिल्ली में की गई। इस कार्रवाई के पीछे का मामला गोवा पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) द्वारा दर्ज की गई FIR पर आधारित है। FIR अक्टूबर 2024 में मधुपन सुरेश शशिकला के खिलाफ कमर्शियल मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकॉट्रॉपिक सब्स्टेंस एक्ट के तहत दर्ज की गई थी।
ED ने कहा कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने और आरोपी से जुड़े परिसरों पर कार्रवाई के लिए यह व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान संपत्तियों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन का पता लगाया जा सके।
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गोवा पुलिस की ANC ने पिछले साल इस मामले में मुख्य आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। यह मामला एलएसडी जैसी साइकोट्रॉपिक दवाओं की तस्करी से जुड़ा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है।
ED की यह कार्रवाई देश में नशीले पदार्थों की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने के प्रयासों का हिस्सा है।
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