आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोट्टिपाटी रवि कुमार ने राज्यभर में निर्माणाधीन बिजली उपकेंद्रों (सबस्टेशनों) के कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, क्योंकि ये बिजली कटौती और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
ऊर्जा मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि राज्य में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से तुरंत बिजली बहाल की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
गोट्टिपाटी रवि कुमार ने बताया कि सरकार महत्वपूर्ण और आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए भूमिगत केबलिंग प्रणाली (अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क) लागू करने की योजना बना रही है। इस पहल से अस्पतालों, आपदा प्रबंधन सेवाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों को लगातार बिजली मिल सकेगी।
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मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार भविष्य की बढ़ती ऊर्जा मांग को ध्यान में रखते हुए व्यापक योजना पर काम कर रही है। विशेष रूप से विशाखापट्टनम और उसके आसपास विकसित हो रहे डेटा सेंटर हब को समर्थन देने के लिए बिजली अवसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2034 तक लगभग 15 गीगावाट (GW) डेटा सेंटर लोड को समर्थन देने वाला मजबूत बिजली नेटवर्क तैयार करना है।
उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने और बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नवीन तकनीकों का उपयोग करने का भी आग्रह किया। सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से राज्य में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
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