फिरोजाबाद, जो अपनी प्रसिद्ध कांच की चूड़ियों, सजावटी कांच की वस्तुएं और ग्लासवेयर के लिए जाना जाता है, अब आधुनिक रूप में खुद को प्रस्तुत करने जा रहा है। शहर में एक हाई-टेक ग्लास म्यूज़ियम बनाया जा रहा है, जिसे देश का पहला ऐसा म्यूज़ियम बताया जा रहा है।
यह तीन मंज़िला म्यूज़ियम 25,700 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर विकसित किया जा रहा है, और लगभग 70% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, म्यूज़ियम का डिज़ाइन ऐसा होगा कि यह कांच के विकास को प्राचीन सभ्यताओं जैसे हड़प्पा से लेकर आधुनिक दौर में फिरोजाबाद की कारीगरी तक प्रदर्शित करेगा।
म्यूज़ियम केवल चूड़ियों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इसमें ग्लासवेयर, हस्तशिल्प और निर्यात सामग्रियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, म्यूज़ियम में VR शो और डिजिटल प्रदर्शनी के जरिए आगंतुकों को कांच की कला और इसके विकास की पूरी कहानी का अनुभव कराया जाएगा।
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यह परियोजना सिर्फ फिरोजाबाद की परंपरागत कारीगरी को सुरक्षित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसे विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने और शहर की आर्थिक वृद्धि में योगदान देने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों का कहना है कि म्यूज़ियम पूरी तरह स्मार्ट टेक्नोलॉजी और इंटरएक्टिव अनुभवों से युक्त होगा, जिससे आगंतुक न केवल कांच की कला को देख सकेंगे, बल्कि इसके इतिहास और विकास को भी समझ सकेंगे।
इस म्यूज़ियम के खुलने के बाद फिरोजाबाद को ग्लास सिटी ऑफ इंडिया के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
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