सिंगापुर के पूर्व विदेश मंत्री और पद्म भूषण से सम्मानित जॉर्ज योंग-बून येओ आज के दौर के प्रमुख विद्वान-कूटनीतिज्ञों में गिने जाते हैं। इस सप्ताह दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित डॉ. सी.डी. देशमुख स्मृति व्याख्यान देने आए येओ ने The Indian Witness से बातचीत में भारत-अमेरिका संबंधों, चीन और मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल पर अपने विचार साझा किए।
डोनाल्ड ट्रंप पर टिप्पणी करते हुए जॉर्ज येओ ने कहा कि ट्रंप एक “बुली” यानी दबंग नेता हैं। उनके अनुसार, यदि आप उनके सामने कमजोरी दिखाते हैं, तो वे पूरी तरह हावी हो जाते हैं। ऐसे में उनसे निपटने का सही तरीका यह है कि आप दृढ़ रहें, लेकिन परिस्थितियों के अनुसार लचीलापन भी बनाए रखें।
भारत की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया तेज़ी से बहुध्रुवीय (मल्टीपोलर) व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। इस नई वैश्विक संरचना में भारत खुद एक स्वतंत्र ध्रुव है। भारत की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह हर देश से दोस्ती रख सकता है और हर मंच पर अपनी बात रख सकता है।
और पढ़ें: ईरान में विरोध-प्रदर्शनों के बीच यूरोपीय अधिकारियों की चेतावनी: अमेरिका 24 घंटे में तेहरान पर कर सकता है हमला
येओ का मानना है कि ट्रंप अपने फैसलों से भविष्य को तेज़ी से सामने ला रहे हैं। उनके कई कदम भले ही मनमाने या अस्थिर दिखें, लेकिन इसके पीछे एक स्पष्ट सोच है। अमेरिका को यह अहसास हो गया है कि वह वैश्विक स्तर पर जरूरत से ज्यादा फैल चुका है और अब उसे अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को सीमित कर, अपने देश और अपने क्षेत्र पर अधिक ध्यान देना होगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में भारत जैसे देशों के लिए अवसर भी हैं और चुनौतियां भी। भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए अमेरिका, चीन और अन्य शक्तियों के साथ संतुलन साधना होगा। एक बहुध्रुवीय दुनिया में भारत की भूमिका निर्णायक हो सकती है, बशर्ते वह आत्मविश्वास और समझदारी के साथ आगे बढ़े।
और पढ़ें: वेनेज़ुएला की नई नेता डेल्सी रोड्रिगेज का दावा: देश पर किसी विदेशी ताकत का शासन नहीं