गोवा सरकार ने पिछले महीने राज्य का तीसरा जिला ‘कुशावती’ बनाने की घोषणा की। यह नया जिला दक्षिण गोवा के क्षेत्रों से अलग कर बनाया गया है और अब लगभग 1.9 लाख ग्रामीण और आदिवासी निवासियों तक प्रशासनिक सुविधाएं और सरकारी सेवाएं सीधे पहुंचेंगी।
‘कुशावती’ जिले के गठन के पीछे कई कारण बताए गए हैं। सरकार द्वारा गठित समिति ने इस कदम को जनसंख्या वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार, समग्र विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए आवश्यक बताया। विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के सशक्तिकरण और स्थानीय शासन में सुधार को इस फैसले की मुख्य वजहों में शामिल किया गया है।
इस क्षेत्र में चार तहसीलों के शामिल होने से प्रशासन और सरकारी योजनाओं की पहुँच अधिक प्रभावी होगी। नई योजना से ग्रामीण इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
और पढ़ें: गुजरात में फॉर्म-7 की फाइलिंग पर विवाद, मतदाताओं के नाम और हस्ताक्षरों का हुआ दुरुपयोग
गोवा में तीसरे जिले के गठन के लिए नवंबर 2023 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सात सदस्यों की समिति गठित की गई थी। इस समिति ने जनसंख्या वृद्धि और राज्य के समग्र विकास के दृष्टिकोण से तीसरे जिले की आवश्यकता का आकलन किया। समिति ने सुझाव दिया कि कुशावती जिले के गठन से राज्य के पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों में समान विकास सुनिश्चित होगा और जीवन स्तर में सुधार होगा।
सरकार ने इस जिले के गठन के साथ ही यह संदेश दिया है कि विकास केवल शहरी केंद्रों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि राज्य के पिछड़े और आदिवासी इलाकों तक भी समान रूप से पहुंचेगा।
और पढ़ें: बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 15 प्रतिशत से अधिक इजाफे के साथ 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित