न्यूयॉर्क कोर्ट में शुक्रवार को भारतीय व्यवसायी निखिल गुप्ता ने खालिस्तानी कार्यकर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नुन की हत्या की साजिश में अपने खिलाफ लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया। उन्होंने हत्या, साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में दोषी होने की बात मानी। इसके बाद अब भारतीय अधिकारी इस मामले से जुड़े दस्तावेज़ों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, तीन दिन बीत जाने के बाद भी भारत सरकार ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
अमेरिका में जांचकर्ताओं के मुताबिक, निखिल गुप्ता ने भारत के एक सरकारी कर्मचारी विकास यादव के साथ मिलकर पन्नुन की हत्या करने के लिए $100,000 का भुगतान किया। विकास यादव को दिल्ली में दिसंबर 2023 में एक अलग मामले, जिसमें अपहरण और उगाही शामिल है, में गिरफ्तार किया गया था। यादव अप्रैल 2024 से जमानत पर बाहर हैं और उन्हें 20 फरवरी को अपनी अगली सुनवाई में पेश होना है।
विकास यादव को भारतीय विदेश खुफिया एजेंसी (R&AW) से जुड़ा माना जा रहा है। इस मामले ने भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और अधिक जटिल बना दिया है, क्योंकि यह मामला एक अंतरराष्ट्रीय साजिश को उजागर करता है।
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फिलहाल, भारतीय अधिकारियों ने इस मामले में कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, जबकि गुप्ता के दोषी ठहराए जाने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। अब, ध्यान केंद्रित किया जा रहा है विकास यादव की गिरफ्तारी और उसकी आगे की कानूनी कार्यवाही पर।
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