लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने शनिवार को कहा कि यह घटना कांग्रेस की “महिला विरोधी मानसिकता” को उजागर करती है और इसके लिए विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना होगा।
नई दिल्ली में संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के समापन के बाद आयोजित कॉन्फ्रेंस में रिजिजू ने कहा कि सरकार इस विधेयक के असफल होने से निराश जरूर है, लेकिन यह केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी की विफलता नहीं है। उन्होंने इसे पूरे देश के लिए “काला दिन” बताया और कहा कि कांग्रेस द्वारा इस पर जश्न मनाना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी महिला आरक्षण को असंवैधानिक या अलोकतांत्रिक बताते हैं, तो यह समझ से परे है कि महिलाओं को अधिकार देना कैसे गलत हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच महिलाओं के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
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विपक्ष द्वारा परिसीमन को लेकर लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी राज्य का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कम नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए कुछ संशोधन जरूरी थे।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के कई नेता निजी तौर पर इस विधेयक के पक्ष में थे, लेकिन राहुल गांधी के दबाव में उन्हें इसका विरोध करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नहीं चाहती कि लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़े।
इस मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है और आने वाले समय में यह बहस और गहराने की संभावना है।
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