गुजरात सरकार 15 जून को अपनी नई औद्योगिक नीति 2026 पेश करने जा रही है। इस नीति का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक विकास को तेज करना, निवेश आकर्षित करना, नवाचार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह नई औद्योगिक नीति गुजरात को भारत के प्रमुख औद्योगिक और निवेश गंतव्य के रूप में और मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रदान करेगी। नीति में ऐसे कई प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है, जो उद्योगों को सरल नियमों, बेहतर बुनियादी ढांचे और निवेश अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएंगे।
नई नीति में विशेष रूप से एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों) को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को गति मिल सके। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और तकनीक आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन देने की योजना है।
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गुजरात सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में अधिक से अधिक घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित किया जाए। इसके लिए नई नीति में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को और प्रभावी बनाने तथा औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल करने पर ध्यान दिया जाएगा।
सूत्रों का यह भी कहना है कि नीति में हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जा सकती है, ताकि सतत विकास और पर्यावरण संतुलन को भी सुनिश्चित किया जा सके।
गुजरात पहले से ही देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले औद्योगिक राज्यों में शामिल है, और नई औद्योगिक नीति 2026 से राज्य की विकास गति को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति राज्य के आर्थिक ढांचे को नया आकार दे सकती है और गुजरात को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थिति में स्थापित कर सकती है।
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