गुजरात में नए शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गुजरात राज्य स्कूल पाठ्यपुस्तक बोर्ड के कार्यवाहक अध्यक्ष मनुभाई पावरा ने बताया कि पूरे राज्य में किताबों का वितरण “युद्धस्तर” पर किया जा रहा है ताकि किसी भी छात्र को देरी का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों के अनुसार, गुजरात के सभी जिलों में स्कूलों तक पाठ्यपुस्तकों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। वितरण केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और लॉजिस्टिक सिस्टम को भी मजबूत किया गया है ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मनुभाई पावरा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि नए सत्र की शुरुआत से पहले ही सभी छात्रों को आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध हो जाएं। इसके लिए अतिरिक्त संसाधन, परिवहन व्यवस्था और कर्मचारियों को भी लगाया गया है।
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पाठ्यपुस्तक बोर्ड ने बताया कि इस बार वितरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इससे हर जिले में किताबों की उपलब्धता और वितरण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
गुजरात शिक्षा विभाग का मानना है कि समय पर पाठ्यपुस्तक मिलने से छात्रों की पढ़ाई की शुरुआत सुचारू रूप से होगी और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आएगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी छात्र को किताबों की कमी के कारण पढ़ाई में बाधा न आए और पूरा शैक्षणिक सत्र समय पर और व्यवस्थित तरीके से शुरू हो सके।
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