कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीत लिया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत की पदक तालिका में एक और पदक जोड़ा और देश को प्रतियोगिता का पांचवां पदक दिलाया।
ज्ञानेश्वरी यादव ने पूरे मुकाबले के दौरान बेहतरीन लय बनाए रखी। स्नैच स्पर्धा में उन्होंने अपने तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए। उन्होंने क्रमशः 82 किलोग्राम, 85 किलोग्राम और 88 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरे स्थान के साथ क्लीन एंड जर्क चरण में प्रवेश किया। इस चरण में उनसे आगे केवल नाइजीरिया की ओनोमे डिडीह थीं।
क्लीन एंड जर्क में ज्ञानेश्वरी ने अपने पहले प्रयास में 103 किलोग्राम वजन उठाया। इसके जवाब में ओनोमे डिडीह ने 105 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाया। दूसरे प्रयास में भारतीय खिलाड़ी ने 107 किलोग्राम वजन उठाकर चुनौती पेश की, लेकिन नाइजीरियाई खिलाड़ी ने 110 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी बढ़त कायम रखी।
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अपने अंतिम प्रयास में ज्ञानेश्वरी यादव ने 111 किलोग्राम वजन उठाकर कुल प्रदर्शन के आधार पर रजत पदक सुनिश्चित कर लिया। वहीं, ओनोमे डिडीह ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कनाडा की रेबेका ग्रूल्क्स ने कांस्य पदक हासिल किया।
गौरतलब है कि बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय भारोत्तोलन दल ने कुल 10 पदक जीते थे, जिनमें तीन स्वर्ण और तीन रजत पदक शामिल थे। इस बार भी भारतीय टीम से ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, हालांकि प्रतियोगिता से पहले डोपिंग मामलों के कारण भारतीय भारोत्तोलन दल को बड़ा झटका लगा था। कई खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद टीम का आकार 16 से घटकर 11 रह गया था।
कॉमनवेल्थ गेम्स के पांचवें दिन भारत के लिए अन्य खेलों में भी अच्छी खबरें आईं। मुरली श्रीशंकर और लोकेश सत्यनाथन ने पुरुषों की लंबी कूद के फाइनल में जगह बनाई। वहीं, तैराक साजन प्रकाश ने 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया और धावक तेजस शिर्से ने पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में प्रवेश कर भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत कर दिया।
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