हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले 26 वर्षीय मर्चेंट नेवी अधिकारी रिक्षित चौहान को उनकी शादी से ठीक एक महीने पहले एक रूसी झंडे वाले तेल टैंकर से हिरासत में लिया गया है। रिक्षित जिस जहाज पर कार्यरत थे, उस टैंकर को अमेरिकी बलों ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रोककर जब्त कर लिया। इसके बाद से वह और अन्य चालक दल के सदस्य हिरासत में हैं।
रिक्षित चौहान रूसी कंपनी के स्वामित्व वाले तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ (पूर्व में बेला-1) पर तैनात थे। यह जहाज कैरेबियाई सागर से होते हुए उत्तरी अटलांटिक तक लंबी समुद्री पीछा कार्रवाई के बाद अमेरिकी बलों द्वारा रोका गया। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य थे, जिनमें तीन भारतीय शामिल थे।
परिवार के अनुसार, रिक्षित को उनके रूसी नियोक्ता ने अपने पहले समुद्री कार्यभार पर वेनेजुएला भेजा था। 7 जनवरी को जहाज जब्त किए जाने से कुछ घंटे पहले ही परिवार की उनसे आखिरी बात हुई थी। इसके बाद संपर्क टूट गया।
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रिक्षित की मां रीता देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके बेटे को सुरक्षित भारत वापस लाया जाए। उन्होंने बताया कि रिक्षित की शादी 19 फरवरी को तय है और पूरा परिवार उसकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा है। पिता रणजीत सिंह ने बताया कि रिक्षित ने 1 अगस्त 2025 को मर्चेंट नेवी जॉइन की थी।
परिवार ने यह भी कहा कि अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के चलते कंपनी ने जहाज को वापस बुलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन सीमा पर 10 दिन इंतजार के बाद टैंकर को जब्त कर लिया गया।
इस बीच, पालमपुर के विधायक ने मामले को राज्य सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया है। विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि भारत सरकार इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है और जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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