हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के दूसरे चरण के चुनावों में गुरुवार को मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया। राज्य की 1,276 ग्राम पंचायतों में लगभग 80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
इस चरण की सबसे खास बात यह रही कि महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में अधिक रही। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां महिलाओं ने बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का उपयोग किया।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मतदान संपन्न हुआ। कहीं से भी किसी बड़े अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
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ग्रामीण इलाकों में मतदान को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। युवा मतदाताओं के साथ-साथ बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई स्थानों पर महिलाओं ने बताया कि वे अपने गांव के विकास और बेहतर सुविधाओं के लिए मतदान कर रही हैं।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार मतदान प्रतिशत पिछले चुनावों की तुलना में बेहतर रहा है और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी एक सकारात्मक संकेत है। इससे ग्रामीण शासन व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़ा हुआ मतदान ग्रामीण लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का संकेत है। पंचायत चुनावों के परिणाम आने के बाद गांव स्तर पर विकास योजनाओं की दिशा तय होगी।
इस तरह हिमाचल प्रदेश में दूसरे चरण का पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और महिलाओं की भागीदारी ने इसे और अधिक विशेष बना दिया।
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