बिहार की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई, जब आयकर विभाग की टीम ने जन सुराज पार्टी के कार्यालय पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पार्टी संस्थापक प्रशांत किशोर से जुड़े ठिकानों पर की गई है। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग के अधिकारी पटना के वार्ड नंबर-25 स्थित जन सुराज पार्टी कार्यालय पहुंचे और वहां तलाशी अभियान शुरू किया।
आयकर विभाग की टीम कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात की जांच कर रही है। अधिकारियों द्वारा कार्यालय में मौजूद लोगों से पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह छापेमारी किस मामले या कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर की गई है।
इसके अलावा, प्रशांत किशोर के करीबी माने जाने वाले रवि नारायण सिंह के होटल में भी आयकर विभाग ने छापेमारी की है। अधिकारियों की टीम होटल परिसर में पहुंचकर वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
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आयकर विभाग की टीमें पार्टी कार्यालय और होटल सहित संबंधित ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई कर रही हैं। हालांकि, इस छापेमारी को लेकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, जन सुराज पार्टी की ओर से भी इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले हुई इस कार्रवाई के बाद बिहार की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई के वास्तविक कारणों और परिणामों की जानकारी सामने आ सकेगी।
फिलहाल आयकर विभाग की टीमें दोनों स्थानों पर तलाशी और जांच की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी के दौरान कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई है या नहीं। अधिकारियों की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।
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