पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार के अनुसार, देश के पास कुल 74 दिनों की भंडारण क्षमता है, जबकि वर्तमान में लगभग 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक उपलब्ध है।
मध्य पूर्व संकट के बीच एलपीजी की कमी और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों की खबरों को सरकार ने खारिज करते हुए कहा कि अगले दो महीनों तक देश में ईंधन की कोई कमी नहीं होगी। मंत्रालय ने बताया कि कच्चे तेल की खरीद भी पहले से सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
सरकार ने यह भी बताया कि घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिससे एलपीजी का दैनिक उत्पादन 50 टीएमटी तक पहुंच गया है, जबकि कुल मांग लगभग 80 टीएमटी है। इस कारण अब आयात की जरूरत घटकर केवल 30 टीएमटी रह गई है।
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इसके अलावा, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों से 800 टीएमटी एलपीजी की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है, जो भारत के 22 आयात टर्मिनलों पर पहुंच रही है। यह संख्या 2014 में मौजूद 11 टर्मिनलों से दोगुनी है।
सरकार के अनुसार, हाल ही में घबराहट के कारण एलपीजी सिलेंडरों की मांग बढ़कर 89 लाख तक पहुंच गई थी, लेकिन अब इसमें कमी आई है। तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर की आपूर्ति कर रही हैं।
सरकार ने यह भी साफ किया कि पीएनजी को बढ़ावा देने का कारण एलपीजी की कमी नहीं, बल्कि इसकी सुविधा और सस्ती उपलब्धता है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
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