भारत ने अमेरिका‑नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन पैक्स सिलिका में शामिल होने के साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ नज़दीकी संबंधों को और मजबूत किया है। अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत अपनी तेल खरीद के स्रोतों को विविध बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है, खासकर रूस पर निर्भरता को कम करने के लिए नई विकल्पों की तलाश में।
गोर ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में संवाददाताओं से कहा कि भारत वेंज़ुएला से तेल खरीदने की संभावना पर भी बातचीत कर रहा है। यह कदम भारत के रूसी कच्चे तेल पर परंपरागत निर्भरता को घटाने के प्रयास का हिस्सा है। अमेरिका ने रूस‑यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी तेल खरीद पर रोक लगाने की वकालत की है, जिससे भारत के स्रोतों को विविध करना महत्वपूर्ण हो गया है।
सर्जियो गोर ने यह भी संकेत दिया कि भारत‑अमेरिका के बीच व्यापार समझौता “जल्द ही” हस्ताक्षर के लिए तैयार है। दोनों देशों की टीमें इस पर लगातार बातचीत कर रही हैं, और अंतरिम व्यापार ढांचे को अंतिम रूप देने के प्रयास जारी हैं।
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पैक्स सिलिका पहल तकनीक, अर्धचालक और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए गठित की गई है, जिसमें जापान, दक्षिण कोरिया, इज़राइल और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश शामिल हैं। भारत की भागीदारी से इस गठबंधन की ताकत और भी बढ़ी है।
तेल के विविधीकरण कदम को भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। देश ने रूसी तेल खरीद को पूरी तरह बंद करने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन वह वेंज़ुएला और अन्य स्रोतों से तेल की खरीद पर सक्रिय बातचीत कर रहा है ताकि ऊर्जा आपूर्ति के विविधीकरण को सुनिश्चित किया जा सके।
इस तरह की रणनीति से भारत को वैश्विक ऊर्जा बाजार में अधिक स्थिरता और लचीलापन हासिल करने में मदद मिलेगी, जबकि व्यापार और तकनीकी सहयोग के नए मौके भी पैदा होंगे।
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