भारत के डाक विभाग ने अमेरिका के लिए सभी डाक सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है। यह कदम उस निर्णय के बाद उठाया गया है जिसमें अमेरिका ने 29 अगस्त से सभी देशों से आने वाले सामान के लिए "डी मिनिमिस छूट" (De Minimis Exemption) वापस ले ली है।
अमेरिका की यह छूट पहले ऐसे पार्सल और वस्तुओं के लिए लागू थी जिनका मूल्य एक निश्चित सीमा से कम होता था। इस छूट के तहत छोटे पैकेट और दस्तावेज बिना अतिरिक्त शुल्क या औपचारिक कस्टम प्रक्रिया के आसानी से पहुंच जाते थे। लेकिन अब इस प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है, जिससे डाक विभाग के माध्यम से भेजी जाने वाली वस्तुओं पर असर पड़ा है।
डाक विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका के इस कदम से भारतीय डाक सेवाओं के माध्यम से भेजे जाने वाले पार्सलों, व्यावसायिक दस्तावेजों और छोटे ई-कॉमर्स पैकेजों की डिलीवरी प्रभावित होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह निलंबन अस्थायी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका द्वारा डी मिनिमिस छूट हटाने का उद्देश्य आयात पर सख्त नियंत्रण और घरेलू बाजार की सुरक्षा है। हालांकि, इसका असर छोटे व्यवसायों और व्यक्तिगत उपभोक्ताओं पर भी पड़ेगा, जो अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाओं का उपयोग करते हैं।
भारत सरकार इस मामले पर अमेरिका से बातचीत कर रही है ताकि डाक सेवाओं को जल्द बहाल किया जा सके और व्यापार एवं व्यक्तिगत शिपमेंट की परेशानी कम की जा सके।
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