भारत ने पाकिस्तान द्वारा कराची में हुए हालिया आतंकी हमले को लेकर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भारत ने इन आरोपों को “बेबुनियाद” बताया और कहा कि इस्लामाबाद अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भारत पर गलत आरोप लगा रहा है।
विदेश मंत्रालय (विदेश मंत्रालय) ने एक सख्त बयान में कहा कि भारत इन सभी आरोपों को स्पष्ट रूप से नकारता है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने देश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए।
बयान में आगे कहा गया कि पाकिस्तान को अपनी जमीन पर मौजूद आतंकवाद के ढांचे के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि आतंकवाद को राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल करने की उसकी प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय है।
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यह प्रतिक्रिया तब आई जब पाकिस्तान ने दावा किया कि कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के भिट्टई विंग मुख्यालय पर भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने हमला किया था। इस हमले के बाद लगभग 90 मिनट तक भीषण मुठभेड़ चली।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में चार रेंजर्स कर्मियों की मौत हो गई, जबकि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में छह आतंकियों को मार गिराया और एक घायल आतंकी को पकड़ लिया।
पाकिस्तान ने बताया कि एसएसयू कमांडो और एंटी टेररिस्ट फोर्स (ATF) ने भी इस ऑपरेशन में हिस्सा लिया। जांच में सामने आया कि हमलावर प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार से जुड़े थे, जो तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हिस्सा है।
यह हमला अक्टूबर 2024 के बाद कराची में सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। इससे पहले फरवरी 2023 में कराची पुलिस ऑफिस पर बड़ा हमला हुआ था।
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और स्थानीय लोगों को घरों में रहने की सलाह दी, जबकि सर्च ऑपरेशन जारी रहा।
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