भारत के सेमीकंडक्टर निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को शनिवार को बड़ा बढ़ावा मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा का उद्घाटन किया।
यह परियोजना भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत विकसित की गई है और इसमें ₹7,500 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। इस प्लांट से भारत की वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
सेमीकंडक्टर उद्योग में OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) सुविधा का काम चिप निर्माण के अंतिम चरणों को पूरा करना होता है। यहां वॉफ़र से बने चिप्स को पैकेज किया जाता है और उनकी गुणवत्ता व प्रदर्शन की जांच की जाती है, ताकि उन्हें उपयोग के लिए तैयार किया जा सके।
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यह सुविधा मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल, औद्योगिक उपकरण और मेमोरी सेक्टर के लिए चिप्स बनाएगी। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यहां बनने वाले चिप्स का उपयोग कारों, स्कूटरों और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों में होगा। उत्पादन का बड़ा हिस्सा जापान, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों को निर्यात भी किया जाएगा।
पूरी तरह चालू होने पर इस प्लांट की सालाना क्षमता लगभग 5 अरब चिप्स तक पहुंचने की संभावना है।
सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक की रीढ़ माने जाते हैं, जिनका उपयोग स्मार्टफोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा प्रणाली और एआई उपकरणों में होता है। अब तक भारत इन चिप्स के लिए मुख्य रूप से आयात पर निर्भर था।
यह सुविधा इस निर्भरता को कम करने, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
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