भारत और सेशेल्स ने ‘सस्टेनेबिलिटी, इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सिक्योरिटी थ्रू एन्हैंस्ड लिंकिज़’ (SESEL) नामक संयुक्त विज़न को अपनाते हुए द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच हुई वार्ता के दौरान की गई। राष्ट्रपति हर्मिनी 5 से 10 फरवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। यह वर्ष सेशेल्स की स्वतंत्रता और दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी को अक्टूबर 2025 के चुनाव में जीत पर बधाई दी और कहा कि भारत-सेशेल्स संबंध ऐतिहासिक, पारिवारिक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में इस साझेदारी की अहम भूमिका बताई।
भारत ने विकास सहयोग को मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की। इसमें 125 मिलियन डॉलर की रुपये-आधारित ऋण सहायता और 50 मिलियन डॉलर की अनुदान सहायता शामिल है। यह पैकेज क्षमता निर्माण, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रोजगार सृजन में सहायक होगा।
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डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में भारत ने सेशेल्स को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेषकर डिजिटल भुगतान प्रणाली विकसित करने में सहयोग देने की घोषणा की। स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत ने 10 एंबुलेंस भेंट करने का ऐलान किया, जबकि सेशेल्स ने 1,000 मीट्रिक टन खाद्यान्न सहायता के लिए आभार जताया।
दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित गतिशीलता और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे पर सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया। सेशेल्स ने कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) की पूर्ण सदस्यता लेने पर सहमति दी।
समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग भी वार्ता के प्रमुख मुद्दों में रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत की ‘महासागर’ दृष्टि का महत्वपूर्ण साझेदार बताया और समुद्री निगरानी, हाइड्रोग्राफी व रक्षा प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने की बात कही।
दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, पर्यटन और ब्लू इकोनॉमी में अवसरों को रेखांकित किया और आपसी हवाई संपर्क बढ़ाने पर सहमति जताई। वार्ता के अंत में दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि SESEL विज़न से दोनों देशों की जनता को ठोस लाभ मिलेगा।
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