असम के तिनसुकिया जिले में स्थित लेडो, बर्मा कैंप और लेखापानी क्षेत्र में द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के समय के अविस्फोटित बम (UXB) मिलने से हड़कंप मच गया। नागरिक प्रशासन से मिली सूचना के आधार पर भारतीय सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन खतरनाक बमों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, बरामद किए गए विस्फोटकों में एक जनरल पर्पस बम और एक आग लगाने वाला (इंसेंडियरी) बम शामिल था, जो दशकों पुराने होने के बावजूद अभी भी अत्यंत खतरनाक स्थिति में थे। इन बमों के मिलने से स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया था, क्योंकि ये किसी भी समय विस्फोट कर सकते थे।
भारतीय सेना की बम निरोधक टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा सुनिश्चित की। इसके बाद विशेषज्ञों ने सावधानीपूर्वक प्रक्रिया अपनाते हुए बमों को निष्क्रिय किया। इस दौरान आसपास के इलाके को खाली कराया गया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया।
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सेना के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के पुराने बम अक्सर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उपयोग किए गए थे और कई बार जमीन में दबे रह जाते हैं। समय के साथ ये जंग खा जाते हैं, लेकिन फिर भी इनमें विस्फोट की क्षमता बनी रहती है, जिससे यह बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
इस सफल अभियान के बाद स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें और उससे दूरी बनाए रखें।
भारतीय सेना की इस त्वरित और सतर्क कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को टाल दिया और क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की।
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