मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य को “पूरी तरह बंद” करने की चेतावनी दी है। यह बयान तब आया जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अपने पावर प्लांट्स पर हमले की चेतावनी दी और 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
इस तनाव के बीच इजरायल में ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों से कई लोग घायल हो गए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि किसी की मौत न होना “चमत्कार” है। उन्होंने यह भी दोहराया कि इजरायल और अमेरिका ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह ने भी उत्तरी इजरायल में हवाई हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई। वहीं जोसेफ औन ने लेबनान में इजरायली हमलों की आलोचना की।
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स्थिति और गंभीर तब हुई जब ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी। यह जलमार्ग दुनिया के लगभग 20% तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। हमलों के डर से कई तेल टैंकरों ने संचालन रोक दिया है, जिससे वैश्विक बाजार और तेल कीमतों पर असर पड़ा है।
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर क़ालिबाफ ने चेतावनी दी कि अगर उसके ढांचे पर हमला हुआ तो पूरे क्षेत्र की ऊर्जा संरचना को भारी नुकसान होगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बताया कि ईरान का अधिकांश संवर्धित यूरेनियम इस्फहान परमाणु केंद्र में मौजूद है।
लगातार हमलों से ईरान में मृतकों की संख्या 1500 पार कर चुकी है, जबकि इजरायल में भी कई लोगों की जान गई है, जिससे क्षेत्रीय संकट और गहरा गया है।
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