अमेरिका-ईरान-इज़राइल संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि मध्य पूर्व पर कब्ज़ा करने और इज़राइल को नष्ट करने की ईरान की योजना अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि ईरान की महत्वाकांक्षाएं उसी तरह समाप्त हो गई हैं जैसे उसकी सैन्य योजनाएं विफल हो चुकी हैं।
ट्रंप ने बताया कि उनके आदेश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़ा हवाई हमला किया। इस हमले में वहां मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इसे क्षेत्र में अब तक के सबसे शक्तिशाली हमलों में से एक बताया जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इज़राइल के साथ संघर्ष के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आई है। इसके बाद ईरान ने बदला लेने की कसम खाई है और क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
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उधर अमेरिका के भीतर भी आतंकवाद का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी गई है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) और न्याय विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। हाल के दिनों में न्यूयॉर्क शहर में दो संदिग्धों द्वारा घरेलू बम लेकर विरोध प्रदर्शन में पहुंचने, मिशिगन के एक सिनेगॉग पर वाहन से हमला करने और वर्जीनिया के एक विश्वविद्यालय में गोलीबारी जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव अक्सर कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों में अनुभवी अधिकारियों की कमी से आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर असर पड़ सकता है।
हालांकि एफबीआई और न्याय विभाग ने कहा है कि उनके एजेंट लगातार देश की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं और फिलहाल किसी बड़े विश्वसनीय आतंकी षड्यंत्र की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने कहा कि संभावित खतरों को रोकने के लिए एजेंसियों के बीच सूचना साझा करना और सतर्कता बढ़ाई गई है।
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