इजराइल और अमेरिका ने शनिवार की सुबह ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए, जिनमें कम से कम 30 लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, जिनमें क़ोम, इस्फ़हान जैसे सैन्य ठिकाने, ईरानी खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, पारचिन सैन्य परिसर और ईरानी परमाणु ऊर्जा एजेंसी शामिल हैं।
यह हमला एक ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले ही तनाव बना हुआ था। इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर यह हमला किया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
तेहरान के केंद्र में एक विस्फोट की आवाज सुनाई दी और वहाँ से घना धुंआ उठता हुआ देखा गया। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने पुष्टि की कि विस्फोट हुआ था, लेकिन इससे हुए नुकसान या संभावित हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। ईरानी सरकार की ओर से इस हमले पर कोई तुरंत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।
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तेहरान में हुए इस विस्फोट ने एक बार फिर से इस क्षेत्र में युद्ध की स्थिति को गंभीर बना दिया है। ईरान की रक्षा मंत्री की मौत की पुष्टि हुई है, और तेहरान ने यह चेतावनी दी है कि वह दुनिया को 'कभी न देखे गए' हथियारों से परिचित कराएगा, अगर हमला जारी रहा। ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करने की धमकी दी है और कहा है कि किसी भी बाहरी आक्रमण का वह डटकर मुकाबला करेगा।
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