जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले की बर्फीली और दुर्गम पहाड़ियों में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकियों ने सर्दियों के महीनों में जीवित रहने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। 12,000 फीट की ऊंचाई पर बने कर्गिल-शैली के मजबूत बंकर में ये आतंकी मैगी और चावल जैसे भोजन का सेवन कर रहे थे। सोमवार को सुरक्षा बलों ने इस छिपे ठिकाने का भंडाफोड़ किया।
सुरक्षा बलों को बंकर से जो सामग्री मिली, उससे आतंकियों की सर्दियों में लंबे समय तक छिपे रहने की योजना सामने आई है। बरामद सामान में 50 मैगी पैकेट, टमाटर और आलू जैसी ताजी सब्जियां, 15 प्रकार के मसाले, 20 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला बासमती चावल, दालें, खाना पकाने की गैस और सूखी लकड़ी शामिल है। यह भंडार महीनों तक आतंकियों के गुजारे के लिए पर्याप्त था।
यह कर्गिल-स्टाइल बंकर पाकिस्तानी मूल के जैश कमांडर सैफुल्लाह और उसके डिप्टी आदिल द्वारा इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। पत्थरों से बनी दीवारों वाला यह बंकर किसी किले की तरह था, जिसे मुठभेड़ झेलने के हिसाब से डिजाइन किया गया था।
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रविवार दोपहर जब सुरक्षा बल बंकर के करीब पहुंचे, तो आतंकियों ने ग्रेनेड फेंके, जिससे सात जवान घायल हो गए। बाद में घायल जवानों में से हवलदार गजेंद्र सिंह की मौत हो गई। आतंकी मौके से फरार होने में सफल रहे।
इस ठिकाने के सामने आने से आतंकियों के स्थानीय समर्थन नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि बिना स्थानीय मदद के इतनी ऊंचाई पर ऐसा मजबूत बंकर बनाना और भारी मात्रा में राशन पहुंचाना संभव नहीं था। इसी सिलसिले में चार स्थानीय लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ शुरू किया है, जो मंगलवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। गणतंत्र दिवस से पहले इलाके में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
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