अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनी के तुरंत बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास अभी ऐसे कई विकल्प और साधन मौजूद हैं, जिनका अब तक इस्तेमाल नहीं किया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सकता है।
जेडी वेंस ने कहा, “हमारे पास कई ऐसे टूल्स हैं, जिन्हें हमने अभी तक इस्तेमाल नहीं किया है। अगर ईरान अपना रुख नहीं बदलता, तो राष्ट्रपति ट्रम्प इनका इस्तेमाल करने का फैसला ले सकते हैं।” उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि ईरान मंगलवार रात तक अपनी प्रतिक्रिया देगा, जो ट्रम्प द्वारा तय की गई समयसीमा है।
इससे पहले ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान समझौता नहीं करता, तो “पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।” इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
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इसी बीच ईरान में हालात गंभीर बने हुए हैं। हवाई हमलों में दो पुलों और एक रेलवे स्टेशन को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं। वहीं ईरानी अधिकारियों ने युवाओं से बिजली संयंत्रों की सुरक्षा के लिए मानव श्रृंखला बनाने की अपील की है।
ईरान के राष्ट्रपति ने दावा किया है कि 1.4 करोड़ लोग देश के लिए लड़ने को तैयार हैं। वहीं इज़राइल द्वारा भी लगातार हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इज़राइल और सऊदी अरब पर हमले किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयम बरतने की अपील की है और नागरिक ठिकानों पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है।
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