झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली 35 वर्षीय नर्स मोनिका कच्छप के लिए दुबई में अच्छी नौकरी का सपना कथित तौर पर मुसीबत में बदल गया। मोनिका का आरोप है कि उन्हें नर्सिंग की नौकरी का झांसा देकर दुबई बुलाया गया और वहां कथित तौर पर अलग-अलग घरों में घरेलू काम कराया जा रहा है। उनका परिवार अब झारखंड सरकार से हस्तक्षेप कर उन्हें भारत वापस लाने की मांग कर रहा है।
मोनिका के अनुसार, वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए प्रियंका आर्या नामक एजेंट से हुई। एजेंट ने उन्हें दुबई में नर्स की अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। उस समय मोनिका रांची के एक निजी अस्पताल में काम करती थीं और अपनी बीमार मां के इलाज का खर्च उठाने के लिए बेहतर रोजगार की तलाश में थीं।
मोनिका ने बताया कि उन्होंने अपने दस्तावेज और मूल पासपोर्ट एजेंट के कहने पर दिल्ली भेज दिया। बाद में दुबई की सुरक्षा स्थिति को लेकर उन्होंने अपना निर्णय बदलने की कोशिश की, लेकिन पासपोर्ट वापस मिलने में परेशानी हुई। अंततः 6 मई को वह दुबई पहुंचीं।
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उनका आरोप है कि हवाई अड्डे पर एक पाकिस्तानी ड्राइवर ने उनका पासपोर्ट ले लिया और उन्हें शारजाह ले जाया गया। अगले दिन उन्हें अजमान स्थित एक कार्यालय में ले जाया गया, जहां प्रियंका के पति रितेश कुमार और मोहम्मद मेराज अंसारी मौजूद थे।
मोनिका का दावा है कि वहां उनसे अरबी और अंग्रेजी में लिखे दस्तावेज पर अंगूठे का निशान लिया गया। बाद में उन्हें पता चला कि दस्तावेज में उन पर 12,600 दिरहम यानी करीब 3.29 लाख रुपये का कर्ज दिखाया गया था। कथित तौर पर ब्याज सहित 14,000 दिरहम लौटाने की मांग की गई।
मोनिका का आरोप है कि नर्सिंग की नौकरी के बजाय उन्हें अलग-अलग घरों में घरेलू काम और मरीजों तथा बच्चों की देखभाल के लिए भेजा गया। उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई, लेकिन कथित तौर पर उनसे रकम चुकाने को कहा गया।
उनके पिता रत्ना ने प्रियंका, रितेश, अंसारी और भर्ती एजेंसी के अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस भारतीय दूतावास के संपर्क में है। मोनिका ने कहा, “मैं बस भारत वापस आना चाहती हूं।”
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