झारखंड के छात्र नेता देवेंद्र महतो ने तिरंगा यात्रा में शामिल होने के दौरान पुलिस पर कथित तौर पर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महतो ने कहा कि छात्र स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे और इसके बारे में प्रशासन को पहले ही लिखित सूचना दी गई थी।
देवेंद्र महतो के अनुसार, छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में ध्वजारोहण समारोह आयोजित करने की तैयारी की थी। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के संबंध में उपायुक्त (डीसी), अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) और अस्पताल प्रबंधन को भी लिखित रूप से जानकारी दी गई थी।
महतो ने आरोप लगाया कि तिरंगा यात्रा में शामिल होने के बाद पुलिस बल ने उनके और अन्य छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने कहा, “पूरी पुलिस फोर्स हम पर टूट पड़ी।” छात्र नेता के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई के दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
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उन्होंने कहा कि छात्रों का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन करना था। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन को पहले से सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई समझ से परे है।
महतो के आरोपों के बाद मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इस आरोप पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
छात्र नेता ने कहा कि वह इस मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाएंगे और छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की जांच की मांग करेंगे। उन्होंने प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि जब कार्यक्रम की जानकारी पहले से दी गई थी, तो पुलिस ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई क्यों की।
मामले को लेकर छात्रों में नाराजगी की स्थिति है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर विरोध या प्रशासन से बातचीत की संभावना बनी हुई है।
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